बेबसी

डुबो देती है हर आँशु आँखों को बड़ी ही ख़ामोशी से।
और हम दिल का दर्द किसी को दिखा भी नही पाते।
सोचते है शायद वक़्त का इल्म ही यही है ।।
जो किसी को चाह कर भी  समझा नही पाते।।

खुद की परिछाई भी बेगाना है
पहचान कर भी क्या फायदा
जिंदगी तो उसी के साथ बिताना है।।।

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