जब पी है बड़ी हसरत से पी, नसे को नसे समझ के नही पी है |
अन्द्जे जुदा हो जाता है हमरा जब भी करीब रहा क पी है|
कदम साथ देते नही मगर हौसला बुलंद करके पी है 
गजब मज़ा है इन प्यालो के हर एक गुट में भी 
उतरने से पहले एक गुट बड़ा के पी है 
सच कहू दोस्तों तो हर एक दर्द भुला देता है|
जब भी दर्द को दर्द समझा के पी के पी है |

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